आस्तिक/नास्तिक

आस्तिक/नास्तिक
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नास्तिक हूँ मैं!
लेकिन जब भी गुजरता हूँ किसी देवस्थान से
किसी मंदिर से, मस्जिद से, मजार से...
तो 'मैं' 'तुम' हो जाता हूँ।
और उठा देता हूँ हाथ दुनिया के सलामती की दुआ के लिए
क्योंकि तुम्हारा होना
इन आस्थाओं के होने या न होने से कहीं ज्यादा जरूरी है।
और मैं जानता हूँ
कि तुम आस्तिक हो!

#चित्रगुप्त

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