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ग़ज़ल

उल्फतों का हर फ़साना यूँ भटककर रह गया। हाथियां लाये बचाकर दुम अटककर रह गया।  बीच में पत्थर फंसाकर फेंकना तब फेंकना ख़त तुम्हारा पेड़ पर आया लटककर रह गया लोग तो आते रहे जाते रहे कुछ ग़म नहीं फासला बस आपका मुझको खटककर रह गया। था बहुत मगरूर जो उस ओर  देखा ही नहीं वो भी अपने गाल पर जुल्फें झटककर रह गया। हाथ मलता रह गया मैं भी उन्हें बस देखकर पाँव  मुझको देखकर वो भी पटककर रह गया। हक़ किसी मज़लूम का बस रास्ते का आम था जब जिसे मौका मिला वो ही गटककर रह गया। सर्व हारा बुर्जुआ सब एक थे इस खेल में मसनदों पर जो गया उससे चिपककर रह गया। #चित्रगुप्त 

कविताएं

रावण ****** "रावण तुम फिर आ गये न मरने?" "हर साल आते हो" "इस साल भी आ गये" "और अगले साल भी आओगे" "फिर उसके अगले साल भी" "और फिर उसके भी अगले साल" "यानी आते ही रहोगे" पर सुनो- वो गरीबी जो दर-दर मुंह ब...

ग़ज़ल

🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 ======================================= [८९] अपने हक के पहरे पर तो, लाठी डंडे भाले हैं कितने बच्चे भूखे नंगे       उसने हाथी पाले हैं। अंतर हो उन्नीस बीस का तब तो थोड़ा सब्र करें सोन...

ग़ज़ल

कण-कण में कोहराम मचा है अल्ला अल्ला राम मचा है। मानवता की बोटी बोटी कुर्सी का संग्राम मचा है। इनका कीचड़ उन्हें लगाकर नीला लाल सलाम मचा है। किसकी कौन खैरियत पूँछे चखना बोटी ...

ग़ज़ल

तुम्हीं हो गांव की जनता तुम्हीं सरकार मुखिया जी। चराचर कर रहे तेरी ही जै जै कार मुखिया जी। पचाया ताल पोखर सब डकारें भी नहीं आईं कमीशन रोड में खाकर मंगाई कार मुखिया जी। पड़ी म...

गोलू की बातें

//गोलू की बातें// गोलू अभी दस साल का है और अपने माँ बाप के साथ सऊदी अरब में रहता है। जो जन्म के बाद दूसरी बार अपने गांव आया है। उसी से मिलने के लिए उसके चाचू यानी कुलदीप... जो कि भारती...

कंजूस

//कंजूस// "पापा आइसक्रीम लेनी है" रूबी ने कहा तो पापा ने जेब में हाथ डालकर बाहर निकाला और न में सिर हिला दिया। "खानदानी कंजूस हैं ये तो इनके जेब से धेला भी नहीं निकलने वाला ... तुम चु...